समय की धारा में हिंदी: उद्भव, विकास और वैश्विक विस्तार की कथा
सार
हिंदी भाषा भारतीय भाषिक परंपरा की एक सशक्त और समृद्ध धारा है, जिसने समय के साथ विविध रूपों में विकसित होकर वर्तमान स्वरूप प्राप्त किया है। यह न केवल भारत की व्यापक जनसंख्या द्वारा समझी और बोली जाती है, बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और राष्ट्रीय एकता का आधार भी है। हिंदी का इतिहास प्राचीन भाषाई परंपराओं से जुड़ा हुआ है, जिसमें संस्कृत, प्राकृत और अपभ्रंश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज हिंदी बहुभाषिक समाज में एक संपर्क भाषा के रूप में उभर रही है और वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत कर रही है।
मुख्य शब्द: हिंदी भाषा, इतिहास, बहुभाषिकता, संपर्क भाषा, विकास
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प्रकाशित
2026-03-29
अंक
खंड
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