मऊ जनपद के समकालीन कलाकार डॉ. लक्ष्मण प्रसाद : व्यक्तित्व, कृतित्व एवं कलात्मक अवदान का समीक्षात्मक अध्ययन

Authors

  • संतोष कुमार शोध छात्र
  • डॉ. रीता तिवारी शोध पर्यवेक्षक

Abstract

पूर्वांचल की सांस्कृतिक एवं कलात्मक परंपरा में मऊ जनपद का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। इसी क्षेत्र की कला-चेतना को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने वाले समकालीन कलाकारों में डॉ. लक्ष्मण प्रसाद का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। मऊ की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं लोक परंपराओं से प्रभावित होकर उन्होंने अपनी चित्रकला में भारतीय संस्कृति, मानवीय संवेदनाओं, प्रकृति तथा आध्यात्मिक चिंतन को अभिव्यक्त किया है। प्रस्तुत शोध-पत्र में मऊ जनपद के इस प्रमुख समकालीन कलाकार के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं कला-दृष्टि का विश्लेषण किया गया है। समकालीन भारतीय कला में अनेक ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने अपनी सृजनात्मक दृष्टि, सांस्कृतिक चेतना तथा कलात्मक प्रयोगधर्मिता के माध्यम से कला-जगत को नई दिशा प्रदान की है। डॉ. लक्ष्मण प्रसाद ऐसे ही महत्वपूर्ण कलाकारों में से एक हैं। उन्होंने अपनी चित्रकला में भारतीय संस्कृति, प्रकृति, नारी, आध्यात्मिकता तथा मानवीय संवेदनाओं को नवीन शिल्प एवं रंग-योजना के साथ अभिव्यक्त किया है। उनकी कला में परंपरा और आधुनिकता का संतुलित समन्वय दिखाई देता है। प्रस्तुत शोध-पत्र में डॉ. लक्ष्मण प्रसाद के जीवन, कलात्मक विकास, विषय-वस्तु, शैलीगत विशेषताओं तथा समकालीन भारतीय कला में उनके योगदान का विश्लेषण किया गया है।

मुख्य शब्द

डॉ. लक्ष्मण प्रसाद, समकालीन भारतीय कला, चित्रकला, सांस्कृतिक चेतना, नारी, प्रकृति, आध्यात्मिकता, कला-शिक्षा।

Author Biographies

संतोष कुमार, शोध छात्र

 ललित कला विभाग, रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून

डॉ. रीता तिवारी, शोध पर्यवेक्षक

एसोसिएट प्रोफेसर, ललित कला विभाग, रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून

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Published

05-08-2026